नात लिरिक्स

Nami-Danam Che Manzil Bood Shab Jae Ki Man Boodam

नमी-दानम चे मंज़िल बूद शब जाए कि मन बूदम

शायर: अमीर ख़ुसरौउपलब्ध: हिंदी

नमी-दानम चे मंज़िल बूद शब जाए कि मन बूदमब-हर-सू रक़्स-ए-बिस्मिल बूद शब जाए कि मन बूदम

परी-पैकर निगार-ए-सर्व-क़द्द लालह्-रुख़्सारेसरापा आफ़त-ए-दिल बूद शब जाए कि मन बूदम

रक़ीबाँ गोश-बर-आवाज़ ऊ दर नाज़ व मन तरसाँसुख़न गुफ़्तन चे मुश्किल बूद शब जाए कि मन बूदम

मरा अज़ आतिश-ए-इश्क़-ए-तू दामन सोख़्त ऐ ख़ुसरवमोहम्मद शम-ए-महफ़िल बूद शब जाए कि मन बूदम

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।