नात लिरिक्स

Ai Chehra-e-Zeba-e-Tu Rashk-e-Butaan-e-Aazari

ऐ चेहरा-ए-ज़ेबा-ए-तू रश्क-ए-बुतान-ए-आज़री

शायर: अमीर ख़ुसरौउपलब्ध: हिंदी

ऐ चेहरा-ए-ज़ेबा-ए-तू रश्क-ए-बुतान-ए-आज़रीहर-चंद वस्फ़त मी-कुनम दर हुस्न ज़ाँ बाला-तरी

तू अज़ परी चाबुक-तरी वज़ बर्ग-ए-गुल नाज़ुक-तरीवज़ हर-चे गोयम बेहतरी हक़्क़ा अ'जाइब दिलबरी

ता-नक़्श मी-बन्दद फ़लक हर्गिज़ नदादा ईं नमकहूरे न-दानम या मलक फ़रज़ंद-ए-आदम या परी

आ'लम हमा यग़मा-ए-तू ख़ल्क़े हमा शैदा-ए-तूआँ नर्गिस-ए-शहला-ए-तू आवुर्दा रस्म-ए-काफ़िरी

आफ़ाक़हा गर्दीदा-अम मेहर-ए-बुताँ वर्ज़ीदा-अमबिस्यार ख़ूबाँ दीदा अम लेकिन तु चीज़े दीगरी

ऐ राहत-ओ-आराम-ए-जाँ बा क़द्द चूँ सर्व-ए-रवाँज़ीन्साँ मरौ दामन-कशाँ काराम-ए-जानम मी-परी

मन तू शुदम तू मन शुदी मन तन शुदम तू जाँ शुदीता कस न-गोयद बा'द अज़ींं मन दीगरम तू दीगरी

ख़ुसरौ ग़रीबस्त-ओ-गदा उफ़्तादा दर शहर-ए-शुमाबाशद कि अज़ बहर-ए-ख़ुदा सू-ए-ग़रीबाँ बंगरी

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