नात लिरिक्स

Nabiyon Mein Rasoolon Mein Teri Zaat Alag Hai

नबियों में रसूलों में तेरी ज़ात अलग है

नात ख़्वान: सय्यिद अब्दुल वसी क़ादरी रज़वीशायर: सय्यिद शाह गुलज़ार इस्माइल वास्ती क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नबियों में रसूलों में तेरी ज़ात अलग हैऐ सरवर-ए-कौनैन ! तेरी बात अलग है

इक टुकड़े पे हो जाएगा नस्लों का गुज़ारासरकार के दरबार की ख़ैरात अलग है

रातें तो मुबारक हैं बहुत और भी लेकिनमे'राज की जो रात है वो रात अलग है

ये सच है कोई तूर का मेहमान बना थामहबूब-ओ-मुहिब की तो मुलाक़ात अलग है

मूसा को तजल्ली से नवाज़ा गया बेशकआक़ा पे 'इनायात की बरसात अलग है

यूँ धूम मचाया हो कोई और तो बोलोमे'राज के उस दूल्हे की बारात अलग है

नामूस-ए-रिसालत पे फ़ना कर दिया ख़ुद कोअहमद रज़ा के 'इश्क़ में कुछ बात अलग है

ना'रा तो लगाते हैं बहुत लोग रज़ा कागुलज़ार ! मेरे ना'रों में जज़्बात अलग है

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