नात लिरिक्स

Nabiyon Ke Maula Marhaba | Zameen Se Aasman Tak Noor Ke Anwaar Chhae Hain

नबियों के मौला मरहबा | ज़मीं से आसमाँ तक नूर के अनवार छाए हैं

नात ख़्वान: यश्फ़ीन अजमल शैख़शायर: जुनैद क़लंदरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नबियों के मौला ! मरहबा !ज़हरा के बाबा ! मरहबा !असहाब के जानाँ ! मरहबा !वलियों के आक़ा ! मरहबा !

ज़मीं से आसमाँ तक नूर के अनवार छाए हैंइमाम-उल-अंबिया बन कर मेरे सरकार आए हैं

नबियों के मौला ! मरहबा !ज़हरा के बाबा ! मरहबा !असहाब के जानाँ ! मरहबा !वलियों के आक़ा ! मरहबा !

सुनाई थी रसूलों ने ख़बर जिन की विलादत कीख़ुदा के नूर का आ'ला वही शाहकार आए हैं

नबियों के मौला ! मरहबा !ज़हरा के बाबा ! मरहबा !असहाब के जानाँ ! मरहबा !वलियों के आक़ा ! मरहबा !

दोनों 'आलम जिन की ख़ातिर हैं रब ने पैदा फ़रमाएवो लाए तशरीफ़ जहाँ में जो रब की पहचान कराए'अर्शी फ़र्शी नूरी नारी सब जिन के दीदार को आए

शम्सुद्दुहा, बदरुद्दुजानूरुलहुदा, कहफ़िलवरासदरुद्दुक़ा, नज्मुलहुदाख़ैरुलवरा, या मुज्तबा !या'नी मुहम्मद मुस्तफ़ा

सरकार की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !मल्जा की आमद ! मरहबा !हुज़ूर की आमद ! मरहबा ! मरहबा ! मरहबा !

नबियों के मौला ! मरहबा !ज़हरा के बाबा ! मरहबा !असहाब के जानाँ ! मरहबा !वलियों के आक़ा ! मरहबा !

खड़े हो कर मुबारकबाद दें सब आमिना बी कोग़मों को दूर करने देखिए ग़म-ख़्वार आए हैं

नबियों के मौला ! मरहबा !ज़हरा के बाबा ! मरहबा !असहाब के जानाँ ! मरहबा !वलियों के आक़ा ! मरहबा !

जुनैद-ए-क़ासमी ! हर एक पे उन की 'इनायत हैमनाने जश्न को देखो सभी ज़व्वार आए हैं

नबियों के मौला ! मरहबा !ज़हरा के बाबा ! मरहबा !असहाब के जानाँ ! मरहबा !वलियों के आक़ा ! मरहबा !

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