नात लिरिक्स

Har Zamana Mere Hussain Ka Hai

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

नात ख़्वान: यश्फ़ीन अजमल शैख़शायर: रेहान आज़मीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

जान माँगो, मैं दिल नहीं दूँगादिल ठिकाना मेरे हुसैन का है

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

जिस की ख़ातिर ये काइनात बनीऐसा नाना मेरे हुसैन का है

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

जिस पे हर इक दुरूद पढ़ता हैवो घराना मेरे हुसैन का है

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

ये जो का'बा है तुम न समझोगेघर पुराना मेरे हुसैन का है

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

रात से दिन जो ये निकलता हैमुस्कुराना मेरे हुसैन का है

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

तुम जिसे आसमाँ समझते होशामियाना मेरे हुसैन का है

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

कोई पूछे ये दौर किस का हैतुम बताना मेरे हुसैन का है

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

बोलीं ज़हरा ये अश्क दो मुझ कोये ख़ज़ाना मेरे हुसैन का है

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

उग रहा है जो बा'द-ए-कर्ब-ओ-बलादाना दाना मेरे हुसैन का है

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

जिस जगह हुर्र बनाए जाते हैंकारख़ाना मेरे हुसैन का है

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

जब से घर में सजे है मेरे 'अलमआना जाना मेरे हुसैन का है

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

मुझ में, रेहान ! ये श'ऊर जो हैशा'इराना मेरे हुसैन का है

हर ज़माना मेरे हुसैन का है

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।