नात लिरिक्स

Nabi Ki Yaad Se Raushan Mere Dil Ka Nageena Hai | Wo Mere Dil Mein Rehte Hain, Mera Dil Bhi Madina Hai

नबी की याद से रौशन मेरे दिल का नगीना है | वो मेरे दिल में रहते हैं, मेरा दिल भी मदीना है

नात ख़्वान: मीलाद रज़ा क़ादरीशायर: अब्दुल सत्तार नियाज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

नबी की याद से रौशन मेरे दिल का नगीना हैवो मेरे दिल में रहते हैं, मेरा दिल भी मदीना है

नबी की याद से रौशन मेरे दिल का नगीना है

नज़र-अफ़रोज़ हैं रंगीनियाँ फ़िरदौस की लेकिनजो तस्कीन-ए-दिल-ओ-जाँ है, वो आक़ा का मदीना है

वो मेरे दिल में रहते हैं, मेरा दिल भी मदीना है

झुकूँ क्यूँ ग़ैर के दर पर, किसी से भीक क्यूँ माँगूँमेरे दामन में 'इश्क़-ए-सरवर-ए-दीं का ख़ज़ीना है

वो मेरे दिल में रहते हैं, मेरा दिल भी मदीना है

महक है दोनों 'आलम में मुहम्मद के पसीने कीकि वज्ह-ए-नकहत-ए-'आलम मुहम्मद का पसीना है

वो मेरे दिल में रहते हैं, मेरा दिल भी मदीना है

नबी की आल का सदक़ा, जहाँ की ने'मतें माँगोख़ुदा से माँगने का ये बड़ा अच्छा क़रीना है

वो मेरे दिल में रहते हैं, मेरा दिल भी मदीना है

हमें ख़तरा नहीं कोई, नियाज़ी ! डूब जाने काकि हम जिस में हैं बैठे वो मुहम्मद का सफ़ीना है

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