नात लिरिक्स

Nabi Ji Aa Rahe Hain

नबी जी आ रहे हैं

नात ख़्वान: शुऐब रज़ा वारसीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जी करता है आँखें बिछाएँक़दमों में गिर जाएँनबी जी आ रहे हैंनबी जी आ रहे हैं

कलमा पढ़ती आईं हवाएँकहने लगी फ़ज़ाएँनबी जी आ रहे हैंनबी जी आ रहे हैं

जन्नत ज़मीं पर हैआमद नबी की है जहान मेंचाँद और सितारों नेनूर बिखेरा आसमान मेंअपनी शु'आ'एँ आज लुटाएँखोल के दिल की कलाएँनबी जी आ रहे हैंनबी जी आ रहे हैं

आमिना बीबी कीगोदी में माह-ए-ताबाँ आएगादाई हलीमा केघर में वो मेहमाँ बन के जाएगाडालियाँ सब फूलों की झुक करलेने लगीं बलाएँनबी जी आ रहे हैंनबी जी आ रहे हैं

आग़ोश-ए-'अब्दुल्लाहरौशन हुई है इक हिलाल सेक़ुर्बान हो जाएँकह दे कोई अब ये बिलाल सेजल्दी वो का'बे में आएँआ कर अज़ाँ सुनाएँनबी जी आ रहे हैंनबी जी आ रहे हैं

असहाब-ए-आ'ला काजिस के लिए दिल बे-क़रार थासलमान-ओ-बू-ज़र कोजिस का अभी तक इंतिज़ार थाउन से भी जा कर ये कह दोदर-ए-नबी पर आएँनबी जी आ रहे हैंनबी जी आ रहे हैं

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