नात लिरिक्स

Hussain Lajawab Hai

हुसैन लाजवाब है

नात ख़्वान: शुऐब रज़ा वारसीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

हुसैन ला-जवाब है, हुसैन ला-जवाब हैवो कल भी बे-मिसाल था, वो अब भी बे-मिसाल है

हुसैन ला-जवाब है, हुसैन ला-जवाब है

शब्बीर ! इब्न-ए-हैदर-ए-कर्रार तुम्ही होजन्नत के नौजवानों के सरदार तुम्ही हो

हुसैन ला-जवाब है, हुसैन ला-जवाब है

दारा ने बचाया न सिकंदर ने बचायाइस्लाम की 'अज़मत को बहत्तर ने बचाया

हुसैन ला-जवाब है, हुसैन ला-जवाब है

इक आमिना का लाल और इक फ़ातिमा का लालनाना भी बे-मिसाल, नवासा भी बे-मिसाल

हुसैन ला-जवाब है, हुसैन ला-जवाब है

तुम ने कहा, यज़ीद तेरा साथ न दूँगासर काट ले फिर भी तू मगर हाथ न दूँगा

हुसैन ला-जवाब है, हुसैन ला-जवाब है

दीन-ए-नबी का क़ाफ़िला-सालार रहेगासरदार की औलाद है सरदार रहेगा

हुसैन ला-जवाब है, हुसैन ला-जवाब है

तू क्या समझ रहा है कि सज्दा बचाएगानाना बचाएँगे या नवासा बचाएगा

हुसैन ला-जवाब है, हुसैन ला-जवाब है

असग़र ने कहा, दुश्मनों पे वार कीजिएबाबा ! हमारे हाथ में तलवार दीजिए

हुसैन ला-जवाब है, हुसैन ला-जवाब है

ये ज़िद पे आ गया अगर, टाला न जाएगाबीमार फिर किसी से सँभाला न जाएगा

हुसैन ला-जवाब है, हुसैन ला-जवाब है

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