नात लिरिक्स

Mustafa-e-Zaat-e-Yakta Aap Hain

मुस्तफ़ा-ए-ज़ात-ए-यकता आप हैं

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: अख़्तर रज़ा ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुस्तफ़ा-ए-ज़ात-ए-यकता आप हैंयक ने जिस को यक बनाया, आप हैं

आप जैसा कोई हो सकता नहींअपनी हर ख़ूबी में तन्हा आप हैं

आब-ओ-गिल में नूर की पहली किरनजान-ए-आदम, जान-ए-हव्वा आप हैं

हुस्न-ए-अव्वल की नुमूद-ए-अव्वलींबज़्म-ए-आख़िर का उजाला आप हैं

ला-मकाँ तक जिस की फैली रौशनीवो चराग़-ए-'आलम-आरा आप हैं

नाज़िश-ए-'अर्श-ओ-वक़ार-ए-'अशियाँसाहिब-ए-क़ौसैन-ओ-अदना आप हैं

आप की तल'अत ख़ुदा का आईनाजिस में चमके हक़ का जल्वा, आप हैं

आप को रब ने किया अपना हबीबसारी ख़ल्क़त का ख़ुलासा आप हैं

आप की ख़ातिर बनाए दो जहाँअपनी ख़ातिर जो बनाया, आप हैं

आप से ख़ुद आप का साइल हूँ मैंजान-ए-जाँ ! मेरी तमन्ना आप हैं

आप की तल'अत को देखा, जान दीक़ब्र में पहुँचा तो देखा आप हैं

बर दरत आमद गदा बहर-ए-सुवालहो भला अख़्तर का, दाता आप हैं

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।