नात लिरिक्स

Mulk-e-Khuda Ke Tajwar Antal Bashar Lakal Bashar

मुल्क-ए-ख़ुदा के ताजवर अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मीर्ज़ा अमजद राज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुल्क-ए-ख़ुदा के ताजवर ! अंत-अल-बशर ला-कल-बशरऐ क़िब्ला-ए-हर-ख़ुश्क-ओ-तर ! अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

इक तू है हर शय की बिना, तेरे लिए सब कुछ बनाऐ वज्ह-ए-कुन रूह-ए-असर ! अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

गर्द-ए-'अदम से जो अटे शीशे वो सब चमका दिएसुब्ह-ए-अज़ल की ऐ सहर ! अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

अव्वल भी तू, आख़िर भी तू, बातिन भी तू, ज़ाहिर भी तूऐ मावरा-ए-हर-नज़र ! अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

ऐ 'आतिर-ए-बाग़-ए-वुजूद ! ऐ वर्दा-ए-सहन-ए-शुहूद !तस्कीन-ए-हर-क़ल्ब-ओ-जिगर ! अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

मौजूद क़ब्ल-अज़-अंबिया, ऐ मफ़्ख़र-ए-हर-दो-सरा !ऐ रौनक़-ए-बज़्म-ए-ख़बर ! अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

तेरा मुमासिल है कहीं ? हम में है पर हम सा नहींऐ नूर-ए-हक़ शक्ल-ए-बशर ! अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

ऐ आरज़ू-ए-हर-ज़माँ ! ऐ जुस्तुजू-ए-ला-मकाँ !ऐ हर जहाँ के मुंतज़र ! अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

दरगाह-ए-रब है तेरा दर, तेरे गदा जिन्न-ओ-बशरकहते हैं सुन कर ला-नहर, अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

क़िब्ला-नुमा क़िब्ला है तू और मर्कज़-ए-सज्दा है तूहम जानते हैं इस-क़दर, अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

ऐ नाइब-ए-ज़ात-ए-ख़ुदा ! ऐ सारिफ़-ए-मेहर-ए-समा !ऐ साहिब-ए-शक़्क़ुल-क़मर ! अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

राज़ी की फ़िक्र-ए-ना-रसा, थक कर गिरी, गिर कर कहाक़िस्सा यही है मुख़्तसर, अंत-अल-बशर ला-कल-बशर

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