नात लिरिक्स

Mujhe Madine Ki Do Ijazat Nabi-e-Rahmat Shafi-e-Ummat

मुझे मदीने की दो इजाज़त नबी-ए-रहमत शफ़ी-ए-उम्मत

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुझे मदीने की दो इजाज़तनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !पिलाओ बुलवा के जाम-ए-उल्फ़तनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

अगर नहीं मेरी ऐसी क़िस्मतसदा हुज़ूरी की पाऊँ लज़्ज़तरुलाए मुझ को तुम्हारी फ़ुर्क़तनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

'अता हो मुझ को ग़म-ए-मदीनातपाँ जिगर, चाक चाक सीनाबढ़े मोहब्बत की ख़ूब शिद्दतनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

लगाओ सीने में आग ऐसीक़रार पाए न दिल कभी भीरुलाए हर दम तुम्हारी उल्फ़तनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

मैं नाम पर तेरे वारी जाऊँमैं 'इश्क़ में तेरे घर लुटाऊँमिले वो जज़्बा, मिले वो हिम्मतनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

हुसैन इब्न-ए-'अली का सदक़ाहमारे ग़ौस-ए-जली का सदक़ा'अता मदीने में हो शहादतनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

हर इक नबी, हर वली का सदक़ातुझे तेरी हर गली का सदक़ादे तयबा में मरने की स'आदतनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

इमाम अहमद रज़ा का सदक़ाहमारे मुर्शिद ज़िया का सदक़ाबक़ी'-ए-ग़र्क़द करो 'इनायतनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

वसीला ख़ुल्फ़ा-ए-राशिदीं कातमाम असहाब-ओ-ताबि'ईं काजवार जन्नत में हो 'इनायतनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

मुझे तुम ऐसी दो हिम्मत, आक़ा !दूँ सब को नेकी की दा'वत, आक़ा !बना दो मुझ को भी नेक ख़स्लतनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

क़लील रोज़ी पे दो क़ना'अतफ़ुज़ूल-गोई से दे दो नफ़रतदुरूद पढ़ता रहूँ ब-कसरतनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

गुनह के दलदल से अब निकालोमुझे सँभालो, मुझे बचा लोकहीं न हो जाऊँ, शाह ! ग़ारतनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

बना दो सब्र-ओ-रिज़ा का पैकरबनूँ ख़ुश-अख़्लाक़ ऐसा, सरवर !रहे सदा नर्म ही तबी'अतनबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

न हो 'अता इस को माल-ओ-दौलतन दीजे 'अत्तार को हुकूमतये तेरा तालिब है, जान-ए-रहमत !नबी-ए-रहमत शफ़ी'-ए-उम्मत !

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