नात लिरिक्स

Mita De Saari Khataaein Meri Mita Ya Rab

मिटा दे सारी ख़ताएँ मेरी मिटा या रब

नात ख़्वान: मेहमूद अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मिटा दे सारी ख़ताएँ मेरी मिटा, या रब !बना दे नेक, बना नेक, दे बना, या रब !

बना दे मुझ को, इलाही ! ख़ुलूस का पैकरक़रीब आए न मेरे कभी रिया, या रब !

अँधेरी क़ब्र का दिल से नहीं निकलता डरकरूँगा क्या जो तू नाराज़ हो गया, या रब !

गुनाहगार हूँ मैं लाइक़-ए-जहन्नम हूँकरम से बख़्श दे मुझ को न दे सज़ा, या रब !

बुराइयों पे पशेमाँ हूँ, रहम फ़रमा देहै तेरे क़हर पे हावी तेरी 'अता, या रब !

मुहीत दिल पे हुवा, हाए ! नफ़्स-ए-अम्मारादिमाग़ पर मेरे इब्लीस छा गया, या रब !

रिहाई मुझ को मिले, काश ! नफ़्स-ओ-शैताँ सेतेरे हबीब का देता हूँ वासिता, या रब !

गुनाह बे-'अदद और जुर्म भी हैं ला-ता'दादमु'आफ़ कर दे, न सह पाउँगा सज़ा, या रब !

मैं कर के तौबा पलट कर गुनाह करता हूँहक़ीक़ी तौबा का कर दे शरफ़ 'अता, या रब !

सुनूँ न फ़ुहश-कलामी, न ग़ीबत-ओ-चुग़लीतेरी पसंद की बातें फ़क़त सुना, या रब !

करें न तंग ख़यालात-ए-बद कभी, कर देशु'ऊर-ओ-फ़िक्र को पाकीज़गी 'अता, या रब !

नहीं है नाम-ए-'अत्तार में कोई नेकीफ़क़त है तेरी ही रहमत का आसरा, या रब !

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।