नात लिरिक्स

Mijha Peer Ne Peshwa Ghaus-e-Azam

मिझा पीर ने पेशवा ग़ौस-ए-आज़म

नात ख़्वान: आरिफ़ अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मिझा पीर ने पेशवा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !मिझा रहबर-ओ-रहनुमा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

करम, ग़ौस-ए-आ'ज़म ! 'अता, ग़ौस-ए-आ'ज़म !डियो हाज़री जी रजा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

मिके हाणे बग़दाद बरकायो, मुर्शिद !घणा वर अचे थी विया, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

'इबादत, रियाज़त, तिलावत, सख़ावतघणी करना वा, मरहबा ! ग़ौस-ए-आ'ज़म

मिझे ग़ौस जी ताँ कुरो घाल करनीबधे औलिया जा वडा ग़ौस-ए-आ'ज़म

क़दम गर्दनें ते बधे औलिया जीफ़क़त आईं जो आई, या ग़ौस-ए-आ'ज़म !

ख़ुदा ने नबी रहन राज़ी हमेशामिझे हक़ में कर जा दु'आ, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

फ़ना थी विनाँ 'इश्क़ में आईं जे, काश !थिए ऐढ़ी ने'मत 'अता, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

करम ऐढ़ो थे थीन दीदार, मुर्शिद !मिके ख़्वाब में आईं जा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

गुनाहें जी 'आदत विने ऐढ़ी कर जाख़ुदा-रा ख़ुदा से दु'आ, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

वसीलो शहीदान-ए-कर्ब-ओ-बला जोबलायों करो दूर, या ग़ौस-ए-आ'ज़म !

जडे बाग़-ए-जन्नत में, मुर्शिद ! विनो आईंमिके एकलौ छड जा ना, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

ख़ुदा सेहत-ओ-'आफ़ियत से नवाज़ेकरोना दु'आ-ए-शिफ़ा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

गुनहगार 'अत्तार के बख़्शवायोखमी नी सगे ही सज़ा, ग़ौस-ए-आ'ज़म !

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