नात लिरिक्स

Meri Hasrat Meri Chahat Mita Dete To Achchha Tha

मेरी हसरत मेरी चाहत मिटा देते तो अच्छा था

नात ख़्वान: अज़मत रज़ा भागलपुरीशायर: अज़मत रज़ा भागलपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरी हसरत, मेरी चाहत मिटा देते तो अच्छा थामुझे आक़ा मदीने में बुला लेते तो अच्छा था

वहीं रहते, वहीं जीते, वहीं पर जान दे देतेअगर तयबा में घर अपना बना लेते तो अच्छा था

हमें वैसे भी ये दुनिया किसी दिन छोड़ जाना हैअगर ये जान आक़ा पर लुटा देते तो अच्छा था

ज़माने की मोहब्बत में बहुत आँसू बहाते होनबी की याद में आँसू बहा लेते तो अच्छा था

दु'आ के वास्ते पीरों से और बाबा से कहते होकभी तुम बाप और माँ से दु'आ लेते तो अच्छा था

यक़ीनन क़ब्र में दीदार होगा आप का लेकिनकिसी दिन ख़्वाब में चेहरा दिखा देते तो अच्छा था

मना' किस ने किया है पीर से उल्फ़त नहीं रखनामगर माँ-बाप को पहले मना लेते तो अच्छा था

सुनाते हैं ज़माने भर को ना'त-ए-मुस्तफ़ा, 'अज़मत !अगर इक ना'त आक़ा को सुना लेते तो अच्छा था

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