नात लिरिक्स

Mere Tum Khwaab Mein Aao Mere Ghar Raushani Hogi

मेरे तुम ख़्वाब में आओ मेरे घर रौशनी होगी

नात ख़्वान: असद रज़ा अत्तारीशायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे तुम ख़्वाब में आओ, मेरे घर रौशनी होगीमेरी क़िस्मत जगा जाओ, 'इनायत ये बड़ी होगी

मदीने मुझ को आना है, ग़म-ए-फ़ुर्क़त मिटाना हैकब, आक़ा-ए-मदीना ! दर पे मेरी हाज़री होगी

बना लो अपना दीवाना, बना लो अपना मस्तानाख़ज़ाने में तुम्हारे क्या कमी, प्यारे नबी ! होगी

ग़म-ए-दूरी रुलाता है, मदीना याद आता हैतसल्ली रख, ए दीवाने ! तेरी भी हाज़री होगी

मुझे गर दीद हो जाए, तो मेरी 'ईद हो जाएतेरा दीदार जब होगा मुझे हासिल ख़ुशी होगी

ख़ज़ाँ का सख़्त पहरा है, ग़मों का घुप अँधेरा हैज़रा सा मुस्कुरा दो गे तो दिल में रौशनी होगी

इलाही ! गुंबद-ए-ख़ज़रा के साए में शहादत देमेरी लाश उन के क़दमों में न जाने कब पड़ी होगी

अगर वो चाँद से चेहरे को चमकाते हुए आएग़मों की शाम भी सुब्ह-ए-बहाराँ बन गई होती

मुझे जल्वा दिखा देना, मुझे कलमा पढ़ा देनाअजल जिस वक़्त सर पर, या नबी ! मेरे खड़ी होगी

अँधेरा घुप अँधेरा है, शहा ! वहशत का डेरा हैकरम से क़ब्र में तुम आओगे तो रौशनी होगी

मेरे मरक़द में जब, 'अत्तार ! वो तशरीफ़ लाएँगेलबों पर ना'त-ए-शाह-ए-अंबिया उस दम सजी होगी

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।