नात लिरिक्स

Mere Dil Mein Hai Yaad-e-Muhammad Mere Honton Pe Zikr-e-Madina

मेरे दिल में है याद-ए-मुहम्मद मेरे होंटों पे ज़िक्र-ए-मदीना

नात ख़्वान: ख़ुर्शीद अहमदशायर: सिकंदर लखनवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे दिल में है याद-ए-मुहम्मद, मेरे होंटों पे ज़िक्र-ए-मदीनाताजदार-ए-हरम के करम से आ गया ज़िंदगी का क़रीना

दिल शिकस्ता है मेरा तो क्या ग़म, इस में रहते हैं शाह-ए-दो-'आलमजब से मेहमाँ हुए हैं वो दिल में, दिल मेरा बन गया है मदीना

मैं ग़ुलाम-ए-ग़ुलामान-ए-अहमद, मैं सग-ए-आस्तान-ए-मुहम्मदक़ाबिल-ए-फ़ख़्र है मौत मेरी, क़ाबिल-ए-रश्क है मेरा जीना

हर ख़ता पर मेरी चश्म-पोशी, हर तलब पर 'अताओं की बारिशमुझ गुनहगार पर किस-क़दर हैं मेहरबाँ ताजदार-ए-मदीना

मुझ को तूफ़ाँ की मौजों का क्या डर, वो गुज़र जाएगा रुख़ बदल करना-ख़ुदा हैं मेरे जब मुहम्मद, कैसे डूबेगा मेरा सफ़ीना

चल मदीने को चल, ग़म के मारे ! ज़िंदगी को मिलेंगे सहारेआ गया है हरम से बुलावा, कूच करते हैं सू-ए-मदीना

उन के चश्म-ए-करम की 'अता है, मेरे सीने में उन की ज़िया हैयाद-ए-सुल्तान-ए-तयबा के सदक़े मेरा सीना है मिस्ल-ए-नगीना

दौलत-ए-'इश्क़ से दिल ग़नी है, मेरी क़िस्मत है रश्क-ए-सिकंदरमिदहत-ए-मुस्तफ़ा की बदौलत मिल गया है मुझे ये ख़ज़ीना

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