नात लिरिक्स

Mere Dil Ki Bhi Hasrat Poori Aye Mere Shaha Kar Den | Muanawwar Meri Aankhon Ko Mere Shamsudduha Kar Den With Tazmeen

मेरे दिल की भी हसरत पूरी ऐ मेरे शहा कर दें | मुनव्वर मेरी आँखों को मेरे शम्सुद्दुहा कर दें तज़मीन के साथ

नात ख़्वान: हाफ़िज़ डॉ. निसार अहमद मार्फ़ानीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे दिल की भी हसरत पूरी, ऐ मेरे शहा ! कर देंमदीने में मुझे दो गज़ ज़मीं, आक़ा ! 'अता कर देंकरम की इक नज़र मुझ पर, शह-ए-हर-दो-सरा ! कर देंमुनव्वर मेरी आँखों को, मेरे शम्सुद्दुहा ! कर देंग़मों की धूप में वो साया-ए-ज़ुल्फ़-ए-दोता कर दें

ज़बाँ बू-जहल की मुट्ठी में कंकर को 'अता कर देंसुराक़ा को ज़मीं पकड़े, इशारा मुस्तफ़ा कर देंहुसैन इब्न-ए-'अली को फ़ातेह-ए-कर्ब-ओ-बला कर देंजहाँ-बानी 'अता कर दें, भरी जन्नत हिबा कर देंनबी मुख़्तार-ए-कुल हैं, जिस को जो चाहें 'अता कर दें

'अली के वास्ते सहबा में सूरज को बुला कर देंजनाब-ए-ग़ौस को वो ताजदार-ए-औलिया कर देंहुकूमत हिन्द की ख़्वाजा के हाथों में 'अता कर देंजहाँ में उन की चलती है, वो दम में क्या से क्या कर देंज़मीं को आसमाँ कर दें, सुरय्या को सरा कर दें

बदल सकता नहीं हरगिज़ 'उमर जो फ़ैसला कर देंजो ना माने तो उस के सर को वो तन से जुदा कर देंजनाब-ए-हज़रत-ए-सिद्दीक़ सब उन पर फ़िदा कर देंनबी से जो हो बेगाना, उसे दिल से जुदा कर देंपिदर, मादर, बिरादर, माल-ओ-जाँ उन पर फ़िदा कर दें

मेरे ताज-ए-शरी'अत का, हिमायत ! फ़ैज़ है तुझ परशफ़ा'अत जब मेरी वो ख़ुद करेंगे शाफ़े'-ए-महशररज़ा के 'इश्क़ में पलता हूँ फिर किस बात का है डरहिमायत ! 'उम्र गुज़रे मुस्तफ़ा की ना'त पढ़ पढ़ करमुझे क्या फ़िक्र हो, अख़्तर ! मेरे यावर हैं वो यावरबलाओं को मेरी जो ख़ुद गिरफ़्तार-ए-बला कर दें

कलाम:मुफ़्ती अख़्तर रज़ा ख़ान

तज़मीन:ना-मा'लूम

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