नात लिरिक्स

Meraj Ki Shab Ye Dhoom Machi Wo Arsh Pe Aane Wale Hain

मेराज की शब ये धूम मची वो अर्श पे आने वाले हैं

नात ख़्वान: शब्बीर अहमद मुज़फ़्फ़रपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मे'राज की शब ये धूम मची, वो 'अर्श पे आने वाले हैंमुश्ताक़-ए-ज़ियारत आ जाएँ, वो जल्वा दिखाने वाले हैं

जिब्रील ने हूरों से ये कहा, दम भर में वो आने वाले हैंजी भर के ज़ियारत कर लेना, हम साथ में लाने वाले हैं

मे'राज की शब ख़ालिक़ ने कहा, जिब्रील अदब से रहना ज़रातू शान को उन की क्या जाने, मेहमान जो आने वाले हैं

जब तूर पे मूसा ने अरिनी कहा, तो 'अर्श से फ़ौरन आई निदाबेहोश न हो जाना, मूसा ! हम पर्दा उठाने वाले हैं

पर्दे को उठा कर रब ने कहा, महबूब ज़रा अंदर आ जाउम्मत के लिए अब हम तुम को पैग़ाम सुनाने वाले हैं

क़िस्मत पे, ज़मीर ! अब नाज़ाँ हो, सर सज्दे में रख कर शुक्र करोसुल्तान-ए-मदीना अब तुम को रौज़े पे बुलाने वाले हैं

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