नात लिरिक्स

Mera Islam Rahega

मेरा इस्लाम रहेगा

नात ख़्वान: मुहम्मद अली फ़ैज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगामेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगा

आफ़ाक़ पे ताबिंदा यही नाम रहेगाहर दौर में ज़िंदा मेरा इस्लाम रहेगा

मेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगामेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगा

नफ़रत का मोहब्बत से कोई मेल नहीं हैइस्लाम है एक दीन, कोई खेल नहीं है

मेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगामेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगा

कुछ वक़्त गुज़रने दो ये अमरीका कहेगाइस्लाम था, इस्लाम है, इस्लाम रहेगा

मेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगामेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगा

हर दुश्मन-ए-इस्लाम को इस बात का डर हैतलवार लिए अब भी खड़ा कोई 'उमर है

मेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगामेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगा

दरवाज़ा शुजा'अत का नया खोल रहे थेमरहब को पटक कर ये 'अली बोल रहे थे

मेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगामेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगा

बू-बक्र-ओ-'उमर, हैदर-ओ-'उस्मान ये बोलेऔर शहर-ए-बरेली से रज़ा ख़ान ये बोले

मेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगामेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगा

असग़र के तबस्सुम का असर बोल रहा थानेज़े पे ये शब्बीर का सर बोल रहा था

मेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगामेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगा

मज़हब की मोहब्बत में ज़बाँ खोल रही थीवो तन्हा हज़ारों से यही बोल रही थी

मेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगामेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगा

बन कर शह-ए-बतहा के वफ़ादार खड़े हैंहम सर पे कफ़न बाँध के तय्यार खड़े हैं

मेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगामेरा इस्लाम रहेगा, मेरा इस्लाम रहेगा

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