नात लिरिक्स

Mehrban Mujh Pe Nabiyon Ka Agar Sardar Ho Jaye

मेहरबाँ मुझ पे नबियों का अगर सरदार हो जाए

नात ख़्वान: सज्जाद निज़ामीशायर: सज्जाद निज़ामीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेहरबाँ मुझ पे नबियों का अगर सरदार हो जाएये दा'वा है कि 'आसी ख़ुल्द का हक़दार हो जाए

ज़माने का सताया हूँ, परेशाँ-हाल रहता हूँकरम की इक नज़र मुझ पर मेरे सरकार हो जाए

फ़क़त मैं ही नहीं बल्कि सभी 'उश्शाक़ कहते हैंकिसी दिन, या रसूलल्लाह ! तेरा दीदार हो जाए

मैं पलकों से बुहारूँगा, मेरे आक़ा ! तेरी गलियाँबुलावा एक दिन मेरा, मेरे सरकार ! हो जाए

क़सम अल्लाह की, गलियाँ मदीने की सुहानी हैंवहाँ इक बार जाना हो तो बेड़ा पार हो जाए

तमन्ना है दिल-ए-सज्जाद की मुद्दत से, ऐ मौला !नज़ारा गुंबद-ए-ख़ज़रा मुझे इक बार हो जाए

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