नात लिरिक्स

Aarzoo Madine Ki Mera Dil Lubhati Hai

आरज़ू मदीने की मेरा दिल लुभाती है

नात ख़्वान: सज्जाद निज़ामीशायर: सज्जाद निज़ामीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आरज़ू मदीने की मेरा दिल लुभाती हैक्या करें ग़रीबी में बेबसी रुलाती है

करवटें बदलती हैं हसरतें मेरे दिल मेंगुलशन-ए-मदीना की जब भी याद आती है

फ़ुर्क़त-ए-मदीना में रात भर, मेरे मौला !नींद मेरी आँखों में आती और जाती है

सुब्ह भी मदीने की, शाम भी मदीने कीमुस्तफ़ा के जल्वों में हर घड़ी नहाती है

मिल गया मुहम्मद का बूँद भर पसीना थाआज तक गुलाबों में ख़ुश्बू उस की आती है

चूम कर शह-ए-दीं के क़दम-ए-नाज़ से, सज्जाद !आज तक मसर्रत में ख़ुल्द मुस्कुराती है

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