नात लिरिक्स

Mazhar-e-Noor-e-Khuda Sarkar Taj-ul-Auliya

मज़हर-ए-नूर-ए-ख़ुदा सरकार ताज-उल-औलिया

नात ख़्वान: सय्यिद अब्दुल वसी क़ादरी रज़वीशायर: सय्यिद शाह गुलज़ार इस्माइल वास्ती क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मज़हर-ए-नूर-ए-ख़ुदा सरकार ताज-उल-औलियाजल्वा-ए-शम्सुद्दुहा सरकार ताज-उल-औलिया

मालिक-ए-'इल्म-ए-लदुन्नी, पैकर-ए-सब्र-ओ-रज़ातेवर-ए-शेर-ए-ख़ुदा सरकार ताज-उल-औलिया

रौशनी जिस की विलायत की है फैली चार-सूवो चराग़-ए-फ़ातिमा सरकार ताज-उल-औलिया

ज़ोहद-ओ-तक़्वा, पारसाई में यक़ीनन आप हैंनाइब-ए-ग़ौस-उल-वरा, सरकार ताज-उल-औलिया !

बैठे बैठे ही करा देते हैं का'बे का तवाफ़जान लो इस से है क्या सरकार ताज-उल-औलिया

अपने मँगतों को कभी मायूस लौटाते नहींमम्बा'-ए-जूद-ओ-सख़ा सरकार ताज-उल-औलिया

जिस तरफ़ भी देखिए है 'उर्स-ए-सद-साला की धूममरहबा सद मरहबा सरकार ताज-उल-औलिया

बटता है शाम-ओ-सहर फ़ैज़ान ग़ौस-ए-पाक काऐसा है रौज़ा तेरा, सरकार ताज-उल-औलिया !

भीक लेने आए हैं मँगते तेरे दरबार मेंहो करम सब पर शहा सरकार ताज-उल-औलिया !

नाज़ कर अपने मुक़द्दर पर, ऐ शहर-ए-नागपुर !तुझ में है जल्वा-नुमा सरकार ताज-उल-औलिया

हश्र तक फूले-फले ये मस्लक-ए-अहमद-रज़ाहै यही दिल की दु'आ, सरकार ताज-उल-औलिया !

हर तरफ़ फैली है जो गुलज़ार की ये निकहतेंआप ही की है 'अता, सरकार ताज-उल-औलिया !

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