नात लिरिक्स

Maula Ali Ka Pyara Karbal Ko Ja Raha Hai

मौला अली का प्यारा कर्बल को जा रहा है

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मौला 'अली का प्यारा कर्बल को जा रहा हैनूर-ए-नज़र नबी का तयबा से जा रहा है

ले लो सलाम-ए-आख़िर, रुख़्सत मुझे दो, नाना !इस्लाम को बचाने शब्बीर जा रहा है

जा कर बक़ी'अ में भी अम्मा को यूँ पुकाराये लाडला तुम्हारा इस दर से जा रहा है

रो कर पुकारे, नाना ! छुटता है ये मदीनाशब्बीर को यही ग़म आँसू रुला रहा है

लेते थे जिस गले पर बोसे नबी मुहम्मदउस ही गले पे दुश्मन ख़ंजर चला रहा है

मतलब ये सर कटा कर, असग़र का ख़ून दे करशब्बीर अपने नाना का दीं बचा रहा है

यूसुफ़ बयाँ करे क्या कर्बल की दास्ताँ कोखुलती नहीं ज़बाँ और दिल काँपा जा रहा है

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