नात लिरिक्स

Mangton Ko Sultan Banaya Mere Madani Aaqa Ne

मँगतों को सुल्तान बनाया मेरे मदनी आक़ा ने

नात ख़्वान: अल्हाज ख़ुर्शीद अहमदशायर: अलीमुद्दीन अलीमउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मँगतों को सुल्तान बनाया मेरे मदनी आक़ा नेजब अपना दरबार सजाया मेरे मदनी आक़ा ने

जिस पर अपना रंग चढ़ाया मेरे मदनी आक़ा नेदाता फ़रीद और ख़्वाजा बनाया मेरे मदनी आक़ा ने

ख़ुद तो ठहरे ख़त्म-ए-रुसुल और ग़ौस पिया जीलानी कोवलियों का सुल्तान बनाया मेरे मदनी आक़ा ने

माल-ओ-ज़र की बात नहीं है, ये तो करम की बातें हैंजिस को चाहा दर पे बुलाया मेरे मदनी आक़ा ने

जिस को हक़ारत से दुनिया ने देखा और मुँह फेर लियाउस को भी सीने से लगाया मेरे मदनी आक़ा ने

उन का तसव्वुर करते करते नींद, 'अलीम ! जब आई मुझेमुझ को अपना जल्वा दिखाया मेरे मदनी आक़ा ने

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