नात लिरिक्स

Main Sadqe Jaaun, Ghaus-e-Paak !

मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक !

शायर: मुहम्मद इल्यास अत्तार क़ादरीउपलब्ध: हिंदी

मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक ! मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक !मैं वारी जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक ! मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक !

मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक ! मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक !

तेरे दर से है मँगतों का गुज़ारा या शह-ए-बग़दाद !ये सुन कर मैं ने भी दामन पसारा या शह-ए-बग़दाद !

मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक ! मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक !

मेरी क़िस्मत का चमका दो सितारा या शह-ए-बग़दाद !दिखा दो अपना चेहरा प्यारा प्यारा या शह-ए-बग़दाद !

मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक ! मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक !

इजाज़त दो कि मैं बग़दाद हाज़िर हो के फिर कर लूँतुम्हारे नीले गुम्बद का नज़ारा या शह-ए-बग़दाद !

मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक ! मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक !

करम मीरां ! मेरे उजड़े गुलिस्ताँ में बहार आएख़िज़ाँ का रुख़ फिरा दो अब ख़ुदारा ! या शह-ए-बग़दाद !

मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक ! मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक !

अगर-चे लाख पापी है, मगर अत्तार किस का है ?तुम्हारा है, तुम्हारा है, तुम्हारा या शह-ए-बग़दाद !

मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक ! मैं सदक़े जाऊँ, ग़ौस-ए-पाक !

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