नात लिरिक्स

Main Madine Chala Main Madine Chala

मैं मदीने चला मैं मदीने चला

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मैं मदीने चला, मैं मदीने चलाफिर करम हो गया, मैं मदीने चला

कैफ़ सा छा गया, मैं मदीने चलाझूमता झूमता मैं मदीने चला

साक़िया ! मय पिला, मैं मदीने चलामस्त-ओ-बेख़ुद बना, मैं मदीने चला

क्या बताऊँ मिली दिल को कैसी ख़ुशीजब ये मुज़्दा सुना, मैं मदीने चला

अश्क थमते नहीं, पाँव जमते नहींलड़खड़ाता हुआ मैं मदीने चला

ऐ शजर ! ऐ हजर ! तुम भी, शम्स-ओ-क़मर !देखो देखो ज़रा, मैं मदीने चला

देखें तारे मुझे, ये नज़ारे मुझेतुम भी देखो ज़रा, मैं मदीने चला

रूह-ए-मुज़्तर ! ठहर, तू निकलना उधरइतनी जल्दी है क्या, मैं मदीने चला

हाथ उठते रहे, मुझ को देते रहेवो तलब से सिवा, मैं मदीने चला

नूर-ए-हक़ के हुज़ूर, अपने सारे क़ुसूरबख़्शवाने चला, मैं मदीने चला

मेरे सिद्दीक़-'उमर ! हो सलाम आप परऔर रहमत सदा, मैं मदीने चला

वो उहुद की ज़मीं, जिस के अंदर मकींमेरे हम्ज़ा पिया, मैं मदीने चला

वो बक़ी' की ज़मीं, जिस के अंदर मकींमेरे मदनी ज़िया, मैं मदीने चला

गुंबद-ए-सब्ज़ पर जब पड़ेगी नज़रक्या सुरूर आएगा, मैं मदीने चला

उन के मीनार पर जब पड़ेगी नज़रक्या सुरूर आएगा, मैं मदीने चला

मिंबर-ए-नूर पर जब उठेगी नज़रक्या सुरूर आएगा, मैं मदीने चला

उन का ग़म, चश्म-ए-तर और सोज़-ए-जिगरअब तो दे दे, ख़ुदा ! मैं मदीने चला

दर्द-ए-उल्फ़त मिले, ज़ौक़ बढ़ने लगेजब चले क़ाफ़िला, मैं मदीने चला

मेरे आक़ा का दर होगा पेश-ए-नज़रचाहिए और क्या ! मैं मदीने चला

सब्ज़-गुंबद का नूर ज़ंग कर देगा दूरपाएगा दिल जिला, मैं मदीने चला

मेरे गंदे क़दम और उन का हरमलाज रखना, ख़ुदा ! मैं मदीने चला

क्या करेगा इधर, बाँध रख़्त-ए-सफ़रचल, 'उबैद-ए-रज़ा ! मैं मदीने चला

लुत्फ़ तो जब मिले, मुझ से मुर्शिद कहेंचल, 'उबैद-ए-रज़ा ! मैं मदीने चला

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