नात लिरिक्स

Main Hun Sunni Khuda Ke Karam Se Dil Deewana Hai Ahmad Raza Ka

मैं हूँ सुन्नी ख़ुदा के करम से दिल दीवाना है अहमद रज़ा का

नात ख़्वान: मुहम्मद हस्सान रज़ा क़ादरीशायर: शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मैं हूँ सुन्नी ख़ुदा के करम से दिल दीवाना है अहमद रज़ा कामेरा मरकज़ नबी की 'अता से आस्ताना है अहमद रज़ा का

हर क़दम पर नबी से वफ़ा की, रात-दिन मिदहत-ए-मुस्तफ़ा की'इश्क़-ए-ख़ैर-उल-वरा से मुज़य्यन शा'इराना है अहमद रज़ा का

शान-ओ-शौकत में सब से जुदा है, 'इल्म-ओ-हिकमत की वो दर्स-गाह हैजो बना रहबर-ए-अहल-ए-सुन्नत वो घराना है अहमद रज़ा का

ज़िक्र उन का, ऐ शौक़-ए-फ़रीदी ! कम न होगा जहाँ से कभी भीबज़्म-ए-'उश्शाक़ में ज़िक्र जारी वालिहाना है अहमद रज़ा का

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