नात लिरिक्स

Main Bhi Namazi Ban Jaun

मैं भी नमाज़ी बन जाऊँ

नात ख़्वान: मुहम्मद हंज़ला क़ादरीशायर: शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अल्लाहु अकबर ! अल्लाहु अकबर !अल्लाहु अकबर ! अल्लाहु अकबर !

मेरे मौला ! मेरे मौला ! मेरे मौला ! मेरे मौला !

मेरे दिल की है ये दु'आ, प्यारे नबी के सदक़े ख़ुदामुझ को करे तौफ़ीक़ 'अता, मैं भी नमाज़ी बन जाऊँ

रब की ख़ास 'इनायत है, सब से 'अज़ीम 'इबादत है'आशिक़-ए-शाह-ए-मदीना की ख़ातिर तो ये रहमत हैमैं भी 'आशिक़-ए-आक़ा हूँ, रहमत का हक़दार बनूँमुझ को दे, मौला ! जज़्बा, मैं भी नमाज़ी बन जाऊँ

मेरे दिल की है ये दु'आ, प्यारे नबी के सदक़े ख़ुदामुझ को करे तौफ़ीक़ 'अता, मैं भी नमाज़ी बन जाऊँ

अल्लाह का फ़रमान है ये, मोमिन की पहचान है येसरवर-ए-'आलम के दिल की ठंडक है और जान है येमुझ को हिदायत दे, मौला ! मस्जिद रोज़ मैं जाया करूँऔर करूँ तुझ को सज्दा, मैं भी नमाज़ी बन जाऊँ

मेरे दिल की है ये दु'आ, प्यारे नबी के सदक़े ख़ुदामुझ को करे तौफ़ीक़ 'अता, मैं भी नमाज़ी बन जाऊँ

चाहिए रोज़ी गर तुम को, पाँचों-वक़्त नमाज़ पढ़ोहुक्म-ए-ख़ुदा पर चलते रहो, शुक्र-ए-ख़ुदा भी किया करोहुक्म-ए-ख़ुदा पर मैं भी चलूँ, ने'मतें रब की पाता रहूँमुझ पे भी हो फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा, मैं भी नमाज़ी बन जाऊँ

मेरे दिल की है ये दु'आ, प्यारे नबी के सदक़े ख़ुदामुझ को करे तौफ़ीक़ 'अता, मैं भी नमाज़ी बन जाऊँ

ख़ौफ़-ए-ख़ुदा से डरते हैं और नमाज़ें पढ़ते हैंनेकियों से अपना दामन फ़ज़्ल-ए-ख़ुदा से भरते हैंमेरी तमन्ना भी है यही, ज़िक्र ख़ुदा का मैं भी करूँजागे सोया नसीब मेरा, मैं भी नमाज़ी बन जाऊँ

मेरे दिल की है ये दु'आ, प्यारे नबी के सदक़े ख़ुदामुझ को करे तौफ़ीक़ 'अता, मैं भी नमाज़ी बन जाऊँ

रंज-ओ-अलम की दवा है नमाज़, बीमारी में शिफ़ा है नमाज़शौक़ फ़रीदी ! अल्लाह की और नबी की रिज़ा है नमाज़मुझ से भी राज़ी हो ख़ुदा, आक़ा की भी रिज़ा पाऊँहर बीमारी से पाऊँ शिफ़ा, मैं भी नमाज़ी बन जाऊँ

मेरे दिल की है ये दु'आ, प्यारे नबी के सदक़े ख़ुदामुझ को करे तौफ़ीक़ 'अता, मैं भी नमाज़ी बन जाऊँ

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