नात लिरिक्स

Kaba Hai Tera Bada Mohtaram

काबा है तेरा बड़ा मोहतरम

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे ख़ुदा ऐ रहनुमा ! तेरे लिए ही है हम्द-ओ-सनाऐ बादशाह ! का'बा तेरा, है तेरे बंदों की जा-ए-पनाह

का'बा है तेरा बड़ा मोहतरमदिखता यहाँ है निशान-ए-करमहै तेरे बंदों पे तेरी 'अताजो आज करते यहाँ सर हैं ख़म

लब्बैक की है लबों पे सदाला इलाहा इलल्लाहतकबीर से है मु'अत्तर फ़िज़ाला इलाहा इलल्लाह

का'बा तेरा जिस जा आबाद हैइस्लाम की जा-ए-बुनियाद हैसारे जहाँ का है मर्कज़ यहीदुनिया यहाँ से ही आबाद हैतेरे ख़लील की ये याद हैअब बुत-परस्तों से आज़ाद है

का'बा है तेरा बड़ा मोहतरमदिखता यहाँ है निशान-ए-करम

लब्बैक की है लबों पे सदाला इलाहा इलल्लाहतकबीर से है मु'अत्तर फ़िज़ाला इलाहा इलल्लाह

एहराम में सब हैं इक रंग मेंआते नज़र सब हैं इक ढंग मेंकोई खड़ा है कोई दौड़तासब हैं यहाँ अपने आहंग मेंअदना है कोई न आ'ला कोईदर पर तेरे हैं बराबर सभी

का'बा है तेरा बड़ा मोहतरमदिखता यहाँ है निशान-ए-करम

लब्बैक की है लबों पे सदाला इलाहा इलल्लाहतकबीर से है मु'अत्तर फ़िज़ाला इलाहा इलल्लाह

गोरे भी आए हैं काले भी हैंदुख दर्द अपने सुनाने को हैं'अरबी हो या फिर हो 'अजमी कोईतेरा ही कलमा सुनाने को हैंवहदत का मर्कज़ है का'बा तेरादुनिया के ग़मगीनों का आसरा

का'बा है तेरा बड़ा मोहतरमदिखता यहाँ है निशान-ए-करम

लब्बैक की है लबों पे सदाला इलाहा इलल्लाहतकबीर से है मु'अत्तर फ़िज़ाला इलाहा इलल्लाह

जन्नत का पत्थर नसब है यहाँज़मज़म के चश्मे यहाँ हैं रवाँयहाँ हाजरा बी की यादें भी हैंयहाँ चारों जानिब हैं रा'नाइयाँशौक़-ए-फ़रीदी है बंदा तेरातू बख़्श दे इस के जुर्म-ओ-ख़ता

का'बा है तेरा बड़ा मोहतरमदिखता यहाँ है निशान-ए-करम

लब्बैक की है लबों पे सदाला इलाहा इलल्लाहतकबीर से है मु'अत्तर फ़िज़ाला इलाहा इलल्लाह

हस्बी रब्बी जल्लल्लाह, मा फ़ी क़ल्बी गै़रुल्लाहनूर-ए-मुहम्मद सल्लल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाह

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