नात लिरिक्स

Madine Se Bulawa Aa Raha Hai

मदीने से बुलावा आ रहा है

नात ख़्वान: यूसुफ़ मेमनशायर: सय्यिद महमूद शाह - मुहद्दिस-ए-हज़ारवीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मदीने से बुलावा आ रहा हैमेरा दिल मुझ से पहले जा रहा है

शब-ए-फ़ुर्क़त से दिल घबरा रहा हैमदीना आप का याद आ रहा है

यहाँ मर्ज़ी नहीं चलती किसी कीमदीने वाला ही बुलवा रहा है

'अजब हैं सब्ज़-गुंबद के नज़ारेनिगाहों को ख़ुदा याद आ रहा है

नवासों का वो सदक़ा बाँटते हैंज़माना उन का सदक़ा खा रहा है

मेरा दिल भी तू अपने साथ ले जाअकेला क्यूँ मदीने जा रहा है

बुलाएँगे तुझे भी सरवर-ए-दींदिल-ए-महमूद क्यूँ घबरा रहा है

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