नात लिरिक्स

Dar-e-Aqdas Pe Haal-e-Dil Sunana Yaad Aata Hai | Madina Yaad Aata Hai

दर-ए-अक़्दस पे हाल-ए-दिल सुनाना याद आता है | मदीना याद आता है

नात ख़्वान: यूसुफ़ मेमनउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दर-ए-अक़्दस पे हाल-ए-दिल सुनाना याद आता हैमदीना याद आता हैमदीने में जो गुज़रा वो ज़माना याद आता हैमदीना याद आता है

ख़ुदा के नूर के जल्वे जो देखे मैं ने तयबा मेंमुझे रह रह के वो मंज़र सुहाना याद आता हैमदीना याद आता है

अदब से बैठ कर उस गुंबद-ए-ख़ज़रा के साए मेंनबी की याद में आँसू बहाना याद आता हैमदीना याद आता है

रसूलुल्लाह के दरबार में, उन की मोहब्बत मेंवो मेरा रोज़-ओ-शब का आना-जाना याद आता हैमदीना याद आता है

ओवैस-ए-कर्न बोले, माँ ! इजाज़त दीजिए मुझ कोजुदाई में तड़पता हूँ, मदीना याद आता हैमदीना याद आता है

मज़ार-ए-फ़ातिमा पे कर्बला वालों की याद आईमदीने वाले आक़ा का घराना याद आता हैमदीना याद आता है

नबी के ज़िक्र की महफ़िल में आते ही मुझे, मोहसिन !मदीना याद आता था, मदीना याद आता हैमदीना याद आता है

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