नात लिरिक्स

Machal Machal Ke Chalo Yaar Ne Pukara Hai

मचल मचल के चलो यार ने पुकारा है

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: शैख़ अब्दुल हादीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मचल मचल के चलो यार ने पुकारा हैक़सम ख़ुदा की वहीं ख़ुल्द का नज़ारा है

वो देखो का'बे का मीज़ाब वज्द करता हैख़ुदा के प्यारे नबी की तरफ़ इशारा है

हबीब और मुहिब का ये प्यार तो देखोख़ुदा कहे जो तुम्हारा है वो हमारा है

मज़ा तो जब है कि सरकार हश्र में कह देंफ़रिश्तो ! छोड़ दो इस को कि ये हमारा है

कुछ और माँग ले, उन के करम का क्या कहनान उस की हद है, न उस का कोई किनारा है

कमाल-ए-हज़रत-ए-अहमद रज़ा की शान-ओ-मकाँकिताब-ए-'इश्क़-ए-मुहम्मद का इक शुमारा है

अगरचे हादी-ए-ख़स्ता गुनाहगार सहीमगर, हुज़ूर ! ये किस का फ़क़त तुम्हारा है

नहीं है, हादी ! 'अमल कुछ ब-जुज़ ये ना'त-ए-नबीउवैस-ए-क़ादरी पढ़ दे, यही सहारा है

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