नात लिरिक्स

Lutf Unka Aam Ho Hi Jayega

लुत़्फ़ उन का आम हो ही जाएगा

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: इमाम अहमद रज़ा ख़ानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

लुत़्फ़ उन का 'आम हो ही जाएगाशाद हर नाकाम हो ही जाएगा

जान दे दो वा'दा-ए-दीदार परनक़्द अपना दाम हो ही जाएगा

शाद है फ़िरदौस या'नी एक दिनक़िस्मत-ए-ख़ुद्दाम हो ही जाएगा

याद रह जाएँगी ये बे-बाकियाँनफ़्स ! तू तो राम हो ही जाएगा

बे-निशानों का निशाँ मिटता नहींमिटते मिटते नाम हो ही जाएगा

याद-ए-गेसू ज़िक्र-ए-हक़ है, आह करदिल में पैदा लाम हो ही जाएगा

एक दिन आवाज़ बदलेंगे ये साज़चहचहा कोहराम हो ही जाएगा

साइलो ! दामन सख़ी का थाम लोकुछ न कुछ इन'आम हो ही जाएगा

याद-ए-अब्रू कर के तड़पो, बुलबुलो !टुकड़े टुकड़े दाम हो ही जाएगा

मुफ़्लिसो ! उन की गली में जा पड़ोबाग़-ए-ख़ुल्द इकराम हो ही जाएगा

गर यूँही रहमत की तावीलें रहींमद्ह हर इल्ज़ाम हो ही जाएगा

बादा-ख़्वारी का समाँ बँधने तो दोशैख़ दुर्द-आशाम हो ही जाएगा

ग़म तो उन को भूल कर लिपटा है यूँजैसे अपना काम हो ही जाएगा

मिट ! कि गर यूँही रहा क़र्ज़-ए-हयातजान का नीलाम हो ही जाएगा

'आक़िलो ! उन की नज़र सीधी रहेबौरों का भी काम हो ही जाएगा

अब तो लाई है शफ़ा'अत 'अफ़्व परबढ़ते बढ़ते 'आम हो ही जाएगा

ऐ रज़ा ! हर काम का इक वक़्त हैदिल को भी आराम हो ही जाएगा

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