नात लिरिक्स

Lutaate Khoob Hain Daulat Ali Ke Deewaanein

लुटाते ख़ूब हैं दौलत अली के दीवानें

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

लुटाते ख़ूब हैं दौलत 'अली के दीवानेंहैं करते अब भी हुकूमत 'अली के दीवानें

'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें

पछाड़ देते हैं हर जंग में ल'ईनों कोजो फाड़ देते हैं आ'दा-ए-दीं के सीनों कोहैं रखते ऐसी सुजा'अत 'अली के दीवानें

'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें

जो वक़्त पड़ता है घर-बार भी लुटाते हैंरिज़ा-ए-रब के लिए सर को भी कटाते हैंमगर न झुकते हैं हज़रत 'अली के दीवानें

'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें

है कोई ग़ौस, कोई कर्बला का दूल्हा हैकोई है दाता, कोई हिन्द का शहंशा हैहैं ऐसे साहिब-ए-'इज़्ज़त 'अली के दीवानें

'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें

मुनाफ़िक़ीन है डरते 'अली के ना'रे सेशयातीं सर है पकड़ते 'अली के ना'रे सेलगा के पाते हैं लज़्ज़त 'अली के दीवानें

'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें'अली के दीवानें, 'अली के दीवानेंउठाए ऊँगली जो सिद्दीक़ की सदाक़त परनबी के यार, 'उमर साहिब-ए-'अदालत परतो इस से करते हैं नफ़रत 'अली के दीवानें

'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें

क़याम भीक है पाता 'अली के लालों कीतलब नहीं है ज़र-ओ-माल के उजालों कीक़दम में रखते हैं सरवत 'अली के दीवानें

'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें'अली के दीवानें, 'अली के दीवानें

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