नात लिरिक्स

Lo Aa Gai Qurbani

लो आ गई क़ुर्बानी

नात ख़्वान: सुल्तान अतीक़ रहमानशायर: स'ईद आक़िलउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

सुन्नत है इब्राहीमी, है शेवा-ए-ईमानीलो आ गई क़ुर्बानी, लो आ गई क़ुर्बानी

ख़्वाब था जो आया रब के ख़लील कोक़ुर्बान कर रहे हैं वो इस्मा'ईल कोसमझे थे इब्राहीम कि ये हुक्म है रब्बानीलो आ गई क़ुर्बानी, लो आ गई क़ुर्बानी

फ़रमाया इस्मा'ईल को रब की रज़ा को मानबेटे ख़ुदा की राह में तुझे होना है क़ुर्बानसुनते ही इस्मा'ईल ने फ़ौरन ये बात मानीलो आ गई क़ुर्बानी, लो आ गई क़ुर्बानी

आँखों पे पट्टी बाँध के सीधा लिटा दियागर्दन पे तेज़ छुरी को ला के टिका दियाजिब्रील ले आए वहीं दुंबा आसमानीलो आ गई क़ुर्बानी, लो आ गई क़ुर्बानी

अल्लाह को इब्राहीम की आई अदा पसंदहर एक मुसलमान को रब ने किया पाबंदता-हश्र है ख़लील की सुन्नत हमें निभानीलो आ गई क़ुर्बानी, लो आ गई क़ुर्बानी

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