नात लिरिक्स

Agar Koi Sun Kar Ali Ka Qaseeda Bura Munh Banae Jahannam Mein Jaae

अगर कोई सुन कर अली का क़सीदा बुरा मुँह बनाए जहन्नम में जाए

नात ख़्वान: सुल्तान अतीक़ रहमानउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अगर कोई सुन कर 'अली का क़सीदा, बुरा मुँह बनाए, जहन्नम में जाएअगर नाम-ए-हैदर से चेहरा किसी का बिगड़ता भी जाए, जहन्नम में जाए

अगर कोई सुन कर 'अली का क़सीदा, बुरा मुँह बनाए, जहन्नम में जाए

हम हैं 'अली के, 'अली है हमारा, 'अली है हमारी आँखों का ताराअगर 'इश्क़-ए-हैदर पे मुनकिर हमारे पे फ़तवे लगाए, जहन्नम में जाए

अगर कोई सुन कर 'अली का क़सीदा, बुरा मुँह बनाए, जहन्नम में जाए

हमें है मोहब्बत ज़ात-ए-'अली से, हमारी हयाती है शेर-ए-जली सेअगर कोई मुन्किर 'अली नाम प्यारा ज़ुबाँ पे न लाए, जहन्नम में जाए

अगर कोई सुन कर 'अली का क़सीदा, बुरा मुँह बनाए, जहन्नम में जाए

ना'रे 'अली के लगाएँगे हर-दम, तराने 'अली के ही गाएँगे हर-दम'अली की वजह से मेरा कोई अपना भले रूठ जाए, जहन्नम में जाए

अगर कोई सुन कर 'अली का क़सीदा, बुरा मुँह बनाए, जहन्नम में जाए

वो मैदान-ए-महशर में ए'लान होगा, 'अली वाले आएँ वो जन्नत में जाएँकहेगी ये जन्नत कि मुन्किर 'अली के न इस सिम्त आएँ, जहन्नम में जाएँ

अगर कोई सुन कर 'अली का क़सीदा, बुरा मुँह बनाए, जहन्नम में जाए

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