नात लिरिक्स

Kya Tarana Hai Ghaus-ul-wara Ka | Kya Tarana Hai Ghausul Wara Ka

क्या तराना है ग़ौस-उल-वरा का

नात ख़्वान: अज़मत रज़ा भागलपुरीशायर: अज़मत रज़ा भागलपुरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

क्या तराना है ग़ौस-उल-वरा काक्या घराना है ग़ौस-उल-वरा काजिन के तल्वों को चूमें फ़रिश्तेहाँ वो नाना है ग़ौस-उल-वरा का

जा के दरबार में, ऐ दीवानो !हाल-ए-दिल अपना उन को सुनाओक्यूँ कि दरबार-ए-ख़ैर-उल-वरा मेंआना-जाना है ग़ौस-उल-वरा का

इस लिए दर पे मेला लगा हैइस लिए भीड़ हर दम लगी हैबेबसों, बेकसों का सहाराआस्ताना है ग़ौस-उल-वरा का

जान-ओ-दिल उन पे क़ुर्बान कर दो'इश्क़ में उन के ख़ुद को मिटा दोता-कि महशर में बोलें फ़रिश्तेये दीवाना है ग़ौस-उल-वरा का

मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत के सदक़ेबादशाहत मिली उन को ऐसीखा रहे हैं जो हम आज, 'अज़मत !दाना दाना है ग़ौस-उल-वरा का

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।