नात लिरिक्स

Kya Shaan Hai Tumhari Ahmed Kabir Rifai

क्या शान है तुम्हारी अहमद कबीर रिफ़ाई

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: ओवैस रज़ा क़ादरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

क्या शान है तुम्हारी, अहमद कबीर रिफ़ा'ई !मँगती तेरी ख़ुदाई, अहमद कबीर रिफ़ा'ई !

दस्त-ए-करम का बोसा तुझ को मिला यक़ीनननहीं ये सुनी-सुनाई, अहमद कबीर रिफ़ा'ई !

तेरी करामतों का है ज़ुहूर अब भी ऐसाहैरान है ख़ुदाई, अहमद कबीर रिफ़ा'ई !

उसे क्या ग़रज़ हो, आक़ा !`शाही से सल्तनत सेजो करे तेरी गदाई, अहमद कबीर रिफ़ा'ई !

चारों-तरफ़ से घेरा रंज-ओ-अलम ने मुझ कोलिल्लाह करम दुहाई, अहमद कबीर रिफ़ा'ई !

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