नात लिरिक्स

Khwaja Hai Hamara | Maharaja Hai Hamara

ख़्वाजा है हमारा | महाराजा है हमारा

नात ख़्वान: मुहम्मद अली फ़ैज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़्वाजा है हमारा, महाराजा है हमाराख़्वाजा है हमारा, महाराजा है हमारा

जो अहल-ए-ख़िरद थे उन्हें दीवाना बनायाअजमेर में ख़्वाजा ने करिश्मा ये दिखायासागर के भरे पानी को प्याले में मँगायासाबित किया पानी पे भी क़ब्ज़ा है हमारा

ख़्वाजा है हमारा, महाराजा है हमाराख़्वाजा है हमारा, महाराजा है हमारा

जब 'आरज़ी राजा के बढ़ा ज़ुल्म का चर्चाफिर अब्र-ए-करम शहर-ए-मदीना से जो उठाअल्लाह के महबूब ने भारत जिसे भेजाभारत की ज़मीं बोली ये राजा है हमारा

ख़्वाजा है हमारा, महाराजा है हमाराख़्वाजा है हमारा, महाराजा है हमारा

इक रोज़ मुक़ाबिल में वो जयपाल जो आयाजादू से उड़ा और फ़ज़ा में कहीं खोयाख़्वाजा की खड़ाऊँ ने सबक़ जा के सिखायाफिर क़लमा पढ़ा, बोला ये आक़ा है हमारा

ख़्वाजा है हमारा, महाराजा है हमाराख़्वाजा है हमारा, महाराजा है हमारा

इक और करामत सुनो इक दिन हुआ ऐसापीतल की बनी गाय से भी दूध निकालाये देख हज़ारों ने वहीं पढ़ लिया क़लमासब ने कहा अब एक ही दाता है हमारा

ख़्वाजा है हमारा, महाराजा है हमाराख़्वाजा है हमारा, महाराजा है हमारा

तयबा से बहार आई है, अजमेर चलो नारहमत की घटा छाई है, अजमेर चलो नाख़्वाजा की छटी आई है, अजमेर चलो नाअजमेर भी, जावेद ! मदीना है हमारा

ख़्वाजा है हमारा, महाराजा है हमाराख़्वाजा है हमारा, महाराजा है हमारा

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