नात लिरिक्स

Khudaya Daur-e-Rehmat Dekhta Main | Nabi Ka Husn-e-Talat Dekhta Main

ख़ुदाया दौर-ए-रहमत देखता मैं | नबी का हुस्न-ए-तलअत देखता मैं

नात ख़्वान: मुहम्मद अनस नज़ीरशायर: अज़ीज़ुल्लाह ग़ालिबउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैंनबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

उन्हीं के दर पे होती सुब्ह मेरीवहीं पर शाम-ए-फ़ुर्क़त देखता मैं

नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैंनबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

मदीने की गली में सर झुकाएरसूल-ए-हक़ की 'अज़मत देखता मैं

नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैंनबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

सहाबी काश मैं होता नबी काकरम की हर 'इनायत देखता मैं

नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैंनबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

जबीन-ए-शौक़ सज्दे में झुका कर'इबादत की हक़ीक़त देखता मैं

नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैंनबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

बिछाता अपनी पल्कें उन की रह में'अजब रंग-ए-'अक़ीदत देखता मैं

नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैंनबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

कभी जो मस्जिद-ए-नबवी में होताजमाल-ए-बज़्म-ए-जन्नत देखता मैं

नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैंनबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

ख़तीब-ए-किब्रिया की हक़-बयानीवो ए'जाज़-ए-फ़साहत देखता मैं

नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैंनबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

उहुद की ख़ाक-ए-अक़्दस चूम लेताफ़िदाकारों की हिम्मत देखता मैं

नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैंनबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

'अता होती बसारत मुझ को, ग़ालिब !'अजब शान-ए-रिसालत देखता मैं

नबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

ख़ुदाया ! दौर-ए-रहमत देखता मैंनबी का हुस्न-ए-तल'अत देखता मैं

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