नात लिरिक्स

Apne Aansu Bahaunga Main | Apne Rab Ko Manaunga Main

अपने आँसू बहाऊँगा मैं | अपने रब को मनाऊँगा मैं

नात ख़्वान: मुहम्मद अनस नज़ीरशायर: वसीम हिजाज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अपने आँसू बहाऊँगा मैंअपने रब को मनाऊँगा मैं

बोझ दिल पे गुनाहों का हैकैसे उस को उठाऊँगा मैंदाग़ जिस पर लगे मा'सियत केअब वो दामन बचाऊँगा मैं

अपने आँसू बहाऊँगा मैंअपने रब को मनाऊँगा मैं

नफ़्स की ख़्वाहिशों को खुरच करदिल के दर से मिटाऊँगा मैंदास्ताँ अपने ग़म और अलम कीअपने रब को सुनाऊँगा मैं

अपने आँसू बहाऊँगा मैंअपने रब को मनाऊँगा मैं

दीप उम्मीद का और यक़ीं काअपने दिल में जलाऊँगा मैंज़िक्र-ए-रब्बी जो रूह की ग़िज़ा हैअपनी रूह को खिलाऊँगा मैं

अपने आँसू बहाऊँगा मैंअपने रब को मनाऊँगा मैं

याद-ए-आक़ा के फूलों से अबदिल का गुलशन सजाऊँगा मैंहुक्म-ए-रब और हुक्म-ए-नबी कोहिर्ज़-ए-जाँ अब बनाऊँगा मैं

अपने आँसू बहाऊँगा मैंअपने रब को मनाऊँगा मैं

माल-ओ-ज़र हो या हो जाँ वो मेरीरब की ख़ातिर लुटाऊँगा मैंख़ून-ए-दिल का हर एक एक क़तरारब की राह में बहाऊँगा मैं

अपने आँसू बहाऊँगा मैंअपने रब को मनाऊँगा मैं

ले के सीने में इक नेक दिल कोसू-ए-'उक़्बा यूँ जाऊँगा मैंरब के फ़ज़्ल-ओ-करम से, हिजाज़ी !चैन दिल का यूँ पाऊँगा मैं

अपने आँसू बहाऊँगा मैंअपने रब को मनाऊँगा मैं

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