नात लिरिक्स

Shaah-e-Deen Mehrban Mustafa Hai

शाह-ए-दीं मेहरबाँ मुस्तफ़ा है

नात ख़्वान: हाफ़िज़ अनस रज़ा अत्तारीशायर: अज़ीज़ुल्लाह ग़ालिबउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मुस्तफ़ा ! मुस्तफ़ा ! मुस्तफ़ा ! मुस्तफ़ा !

शाह-ए-दीं मेहरबाँ मुस्तफ़ा हैफ़ख़्र-ए-कौन-ओ-मकाँ मुस्तफ़ा हैमम्बा'-ए-फ़ज़्ल-ए-रब्ब-ए-'उला हैमख़ज़न-ए-हर-ज़माँ मुस्तफ़ा है

ज़ुल्मतें कुफ़्र की कट गई हैंरौशनी हर तरफ़ छा गई हैनूर-ए-हक़ का हसीं आईना हैरहमत-ए-बे-कराँ मुस्तफ़ा है

शाह-ए-दीं मेहरबाँ मुस्तफ़ा हैफ़ख़्र-ए-कौन-ओ-मकाँ मुस्तफ़ा है

जिस का नक़्श-ए-क़दम सादगी हैवो नबी ज़ीस्त की ताज़गी हैदो जहाँ का वही आसरा हैज़ीनत-ए-गुल्सिताँ मुस्तफ़ा है

शाह-ए-दीं मेहरबाँ मुस्तफ़ा हैफ़ख़्र-ए-कौन-ओ-मकाँ मुस्तफ़ा है

हक़ का पैग़ाम जिस की ज़ुबाँ हैनूर का इक हसीं कहकशाँ हैरहबर-ओ-पेशवा, रहनुमा हैरश्क-ए-अर्ज़-ओ-समाँ मुस्तफ़ा है

शाह-ए-दीं मेहरबाँ मुस्तफ़ा हैफ़ख़्र-ए-कौन-ओ-मकाँ मुस्तफ़ा है

जिस की सूरत कमाल-ए-नुबुव्वतजिस की सीरत जमाल-ए-हक़ीक़तहक़ की पहचान का रास्ता हैसरवर-ए-दो-जहाँ मुस्तफ़ा है

शाह-ए-दीं मेहरबाँ मुस्तफ़ा हैफ़ख़्र-ए-कौन-ओ-मकाँ मुस्तफ़ा है

लब पे ना'त-ए-नबी की सदा हैदिल में याद-ए-नबी की ज़िया हैसोज़-ए-ग़ालिब की अब ये दवा हैराहत-ए-क़ल्ब-ओ-जाँ मुस्तफ़ा है

शाह-ए-दीं मेहरबाँ मुस्तफ़ा हैफ़ख़्र-ए-कौन-ओ-मकाँ मुस्तफ़ा है

मुस्तफ़ा ! मुस्तफ़ा ! मुस्तफ़ा ! मुस्तफ़ा !

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