नात लिरिक्स

Daman Mein Liye Khair Hai Aai Shab-e-Meraj

दामन में लिए ख़ैर है आई शब-ए-मेराज

नात ख़्वान: हाफ़िज़ अनस रज़ा अत्तारीशायर: हाफ़िज़ शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

दामन में लिए ख़ैर है आई शब-ए-मे'राजमहरूम नहीं लौटेगा कोई शब-ए-मे'राज

बंदों को ख़ुदा से है मिलाई शब-ए-मे'राज'आसी के मुक़द्दर को जगाई शब-ए-मे'राज

उम्मत के लिए प्यारा नमाज़ों का वो तोहफ़ासरकार को है रब से दिलाई शब-ए-मे'राज

हक़दार-ए-जहन्नम थे गुनाहों के सबब हमसरकार ने है लाज बचाई शब-ए-मे'राज

हम ख़ाक के ज़र्रे हैं, ख़ुदा उन का ही जानेआक़ा की कहाँ तक है रसाई शब-ए-मे'राज

आते हैं शह-ए-कौन-ओ-मकाँ सर को झुका लोहूरों ने सदा है ये लगाई शब-ए-मे'राज

जब शाह चले फ़र्श से, पलकों को अपनीराहों में मलाइक ने बिछाई शब-ए-मे'राज

जन्नत के फ़रिश्तों की जमा'अत है ज़मीं परहै नूर में ये दुनिया नहाई शब-ए-मे'राज

पा लेता है हर चीज़ वो, ऐ शौक़-ए-फ़रीदी !देता है ख़ुदा को जो दुहाई शब-ए-मे'राज

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