नात लिरिक्स

Haider Sa Zamane Mein Sardar Nahin Koi

हैदर सा ज़माने में सरदार नहीं कोई

नात ख़्वान: हाफ़िज़ ताहिर क़ादरीशायर: हाफ़िज़ शौक़ फ़रीदीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मौला हैदर ! मौला हैदर !मौला हैदर ! मौला हैदर !

घर घर में ना'रा है, मौला मौला हैदर, मौला मौला हैदर

घर घर में ना'रा है या 'अलीमोमिन को प्यारा है या 'अली

सरताज है ज़हरा का, हसनैन का बाबा हैहैदर सा शह-ए-दीं का हुब-दार नहीं कोई

हैदर सा ज़माने में सरदार नहीं कोईउस शेर-ए-जली जैसा सालार नहीं कोई

हैदर सा ज़माने में सरदार नहीं कोई

वो जिस की शुजा'अत पे नाज़ाँ हैं शह-ए-'आलमउस मर्द-ए-क़लंदर सा जर्रार नहीं कोई

हैदर सा ज़माने में सरदार नहीं कोई

ख़ैबर को जो लर्ज़ा दे, आ'दा को जो तड़पा देहम ने तो सुनी ऐसी ललकार नहीं कोई

हैदर सा ज़माने में सरदार नहीं कोई

वो फ़ख़्र-ए-सहाबा है, वो नय्यर-ए-ताबाँ हैदुनिया में 'अली जैसा दिलदार नहीं कोई

हैदर सा ज़माने में सरदार नहीं कोई

हैदर से 'अदावत जो रखता है सुनो लोगोकौनैन में उस जैसा बीमार नहीं कोई

हैदर सा ज़माने में सरदार नहीं कोई

चौखट से तेरी उठ कर मैं जाऊँ कहाँ, हैदर !इक तेरे सिवा मेरा ग़म-ख़्वार नहीं कोई

मैं शौक़-ए-फ़रीदी हूँ, शैदा-ए-'अली हैदरक़िस्मत का सिकंदर हूँ, नादार नहीं कोई

हैदर सा ज़माने में सरदार नहीं कोई

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