नात लिरिक्स

Khuda Ke Sher Muhammad Ke Iftikhar Ali

ख़ुदा के शेर मुहम्मद के इफ़्तिख़ार अली

नात ख़्वान: अदनान शैख़ अत्तारीशायर: अर्फ़क़उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शाह-ए-मर्दां, शेर-ए-यज़्दाँ, क़ुव्वत-ए-परवरदिगारला-फ़ता इल्ला 'अली, ला-सैफ़ इल्ला ज़ुल्फ़िक़ार

ख़ुदा के शेर, मुहम्मद के इफ़्तिख़ार 'अलीहैं काएनात-ए-विलायत के ताजदार 'अली

'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली !

जनाब-ए-ज़हरा के ख़ावंद नामदार 'अली !हसन-हुसैन के बाबा ! ऐ ज़ी-वक़ार 'अली !

ख़ुदा के शेर, मुहम्मद के इफ़्तिख़ार 'अलीहैं काएनात-ए-विलायत के ताजदार 'अली

'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली !

मोहब्बत-ए-शह-ए-कौनैन का मदार 'अलीहमारी रूह की, ईमान की पुकार 'अली

ख़ुदा के शेर, मुहम्मद के इफ़्तिख़ार 'अलीहैं काएनात-ए-विलायत के ताजदार 'अली

'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली !

ये मर्तबा है तुम्हारा ब-इख़्तिसार, 'अली !ख़ुदा के तुम हो, तुम्हारा है किर्दिगार, 'अली !

ख़ुदा के शेर, मुहम्मद के इफ़्तिख़ार 'अलीहैं काएनात-ए-विलायत के ताजदार 'अली

'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली !

न ग़म करो सर-ए-महशर तुम, ऐ 'अली वालो !करेंगे बेड़ा तुम्हारा भी आ के पार 'अली

ख़ुदा के शेर, मुहम्मद के इफ़्तिख़ार 'अलीहैं काएनात-ए-विलायत के ताजदार 'अली

'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली !

मचल रहा है मेरा दिल ज़ियारत-ए-दर कोदिखाइए कभी अपना मुझे दयार, 'अली !

ख़ुदा के शेर, मुहम्मद के इफ़्तिख़ार 'अलीहैं काएनात-ए-विलायत के ताजदार 'अली

'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली !

महक रहे हैं अभी तक मेरे हुरूफ़-ए-सुख़नज़बाँ से निकला था, अर्फ़क़ ! बस एक बार 'अली

ख़ुदा के शेर, मुहम्मद के इफ़्तिख़ार 'अलीहैं काएनात-ए-विलायत के ताजदार 'अली

'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली ! 'अली 'अली !

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।