नात लिरिक्स

Qalb-o-Jaan Pate Hain Aaram Ali Kehne Se

क़ल्ब-ओ-जाँ पाते हैं आराम अली कहने से

नात ख़्वान: अदनान शैख़ अत्तारीशायर: अर्फ़क़ मियाँउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

शाह-ए-मर्दां, शेर-ए-यज़्दाँ, क़ुव्वत-ए-परवरदिगारला-फ़ता इल्ला 'अली, ला-सैफ़ इल्ला ज़ुल्फ़िक़ार

क़ल्ब-ओ-जाँ पाते हैं आराम 'अली कहने सेदूर हो जाते हैं आलाम 'अली कहने से

कामयाबी लिया करती है क़दम के बोसेकोई होता नहीं नाकाम 'अली कहने से

क़ल्ब-ओ-जाँ पाते हैं आराम 'अली कहने सेदूर हो जाते हैं आलाम 'अली कहने से

'अज़मतें करती हैं पेश उस को सलामी पैहमख़ास हो जाता है हर 'आम 'अली कहने से

क़ल्ब-ओ-जाँ पाते हैं आराम 'अली कहने सेदूर हो जाते हैं आलाम 'अली कहने से

रब ने बख़्शा है उसे काम बनाने का हुनरफिर बने क्यूँ न मेरे काम 'अली कहने से

क़ल्ब-ओ-जाँ पाते हैं आराम 'अली कहने सेदूर हो जाते हैं आलाम 'अली कहने से

बात ये सच है कि अल्लाह ने विलायत वालेऔलिया को हैं दिए जाम 'अली कहने से

क़ल्ब-ओ-जाँ पाते हैं आराम 'अली कहने सेदूर हो जाते हैं आलाम 'अली कहने से

फ़र्श-ता-'अर्श हुआ करते हैं उस के चर्चेकोई रहता नहीं गुमनाम 'अली कहने से

क़ल्ब-ओ-जाँ पाते हैं आराम 'अली कहने सेदूर हो जाते हैं आलाम 'अली कहने से

रहमतें लेती हैं आग़ोश में अपनी, अर्फ़क़ !हैदरियों को हर इक गाम 'अली कहने से

क़ल्ब-ओ-जाँ पाते हैं आराम 'अली कहने सेदूर हो जाते हैं आलाम 'अली कहने से

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