नात लिरिक्स

Aye Momino Rab Ka Tumhen Mehman Mubarak | Ramzan Mubarak Tumhen Ramzan Mubarak

ऐ मोमिनो रब का तुम्हें मेहमान मुबारक | रमज़ान मुबारक तुम्हें रमज़ान मुबारक

नात ख़्वान: अश्फ़ाक़ अत्तारी मदनीशायर: अर्फ़क़ मियाँउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ऐ मोमिनो ! रब का तुम्हें मेहमान मुबारक !कहते हैं जिसे सब मह-ए-ग़ुफ़रान मुबारकहाँ हाँ वो जो आया पस-ए-शा'बान मुबारकरमज़ान मुबारक ! तुम्हें रमज़ान मुबारक !

देखे जो ब-सद-शौक़ हिलाल-ए-मह-ए-रमज़ानआग़ोश में लेती है उन्हें रहमत-ए-यज़्दानयूँ देखने वालों को ये फ़ैज़ान मुबारकरमज़ान मुबारक ! तुम्हें रमज़ान मुबारक !

अल्ताफ़-ओ-करम लाता, मिटाता हुआ कुल्फ़तलो जल्वा-फ़िगन हो ही गया अशरा-ए-रहमतहो ख़ूब तुम्हें रहमत-ए-रहमान मुबारकरमज़ान मुबारक ! तुम्हें रमज़ान मुबारक !

इस माह में होती है ग़िज़ाओं में भी बरकतमिल जाती है खाने को हर एक चीज़ ब-कसरतइस माह की बरकत से सजा ख़्वान मुबारकरमज़ान मुबारक ! तुम्हें रमज़ान मुबारक !

सहरी के वो लम्हात, वो इफ़्तार की घड़ियाँहोंटों पे दुरूदों की, सलामों की हैं लड़ियाँजारी जो ज़बानों पे है क़ुरआन मुबारकरमज़ान मुबारक ! तुम्हें रमज़ान मुबारक !

ख़ुशख़बरी हो आया पस-ए-रहमत का ज़मानाबख़्शिश के हवाले से इसे दुनिया ने जानाइस अशरा-ए-ग़ुफ़रान की हर-आन मुबारकरमज़ान मुबारक ! तुम्हें रमज़ान मुबारक !

मज़मून-ए-हदीस-ए-नबवी है जो बता दोहर साइम-ए-रमज़ान को ये मुज़्दा सुना दोफ़िरदौस का दरवाज़ा है रय्यान मुबारकरमज़ान मुबारक ! तुम्हें रमज़ान मुबारक !

लो आ गया अब आख़िरी अशरा, मेरे भाई !इस अशरे में मिलती है जहन्नम से रिहाईजन्नत से सदा देता है रिज़वान मुबारकरमज़ान मुबारक ! तुम्हें रमज़ान मुबारक !

निकलेगा किसी रोज़ मेरे दिल का ये अरमानसरकार करेंगे मुझे रमज़ान में मेहमानअर्फ़क़ ! हो तुझे तेरा ये ईक़ान मुबारक !रमज़ान मुबारक ! तुम्हें रमज़ान मुबारक !

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