नात लिरिक्स

Barahwin Ka Noor Dil Pe Chha Gaya | Barvi Ka Noor Dil Pe Cha Gaya (All Versions)

बारहवीं का नूर दिल पे छा गया

नात ख़्वान: अश्फ़ाक़ अत्तारी मदनीशायर: अश्फ़ाक़ अत्तारी मदनीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आ गए मुस्तफ़ा ! मरहबा मरहबा !

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !मंठार की आमद ! मरहबा !मुख़्तार की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !आ'ला की आमद ! मरहबा !मौला की आमद ! मरहबा !

बारहवीं का नूर दिल पे छा गयाआ गए नबी, आख़िरी नबीनूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रियाआ गए नबी, आख़िरी नबी

क्यूँ बारहवीं पे है सभी को प्यार आ गयाआया इसी दिन अहमद-ए-मुख़्तार आ गया

घर आमिना के सय्यिद-ए-अबरार आ गयाख़ुशियाँ मनाओ, ग़म-ज़दो ! ग़म-ख़्वार आ गया

या ख़ुदा ! करम तेरा मोमिनों पे ये हुआबख़्शवाने को ख़ता आ गए हैं मुस्तफ़ा'आसियो ! सुनो, रहमत-ए-ख़ुदाआ गए नबी, आख़िरी नबी

बारहवीं का नूर दिल पे छा गयाआ गए नबी, आख़िरी नबीनूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रियाआ गए नबी, आख़िरी नबी

मुहम्मद-ए-मुस्तफ़ा ! सब से आख़िरी नबी !अहमद-ए-मुज्तबा ! सब से आख़िरी नबी !हैं शफ़ी'-उल-वरा ! सब से आख़िरी नबी !आमिना का लाडला ! सब से आख़िरी नबी !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

निसार तेरी चहल-पहल पर, हज़ारों 'ईदें, रबी'-उल-अव्वल !सिवाए इब्लीस के जहाँ में सभी तो ख़ुशियाँ मना रहे हैं

घर, मुहल्ले सज गए, सब्ज़ झंडे लग गएदिल ख़ुशी से झूम उठे, चेहरे सब चमक गएजश्न का समाँ हर तरफ़ बनाआ गए नबी, आख़िरी नबी

बारहवीं का नूर दिल पे छा गयाआ गए नबी, आख़िरी नबीनूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रियाआ गए नबी, आख़िरी नबी

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !मंठार की आमद ! मरहबा !मुख़्तार की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !आ'ला की आमद ! मरहबा !मौला की आमद ! मरहबा !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

जब तलक ये चाँद-तारे झिलमिलाते जाएँगेतब तलक जश्न-ए-विलादत हम मनाते जाएँगे

तुम करो जश्न-ए-विलादत की ख़ुशी में रौशनीवो तुम्हारी गोर-ए-तीरा जगमगाते जाएँगे

बन के रहमत-ए-ख़ुदा आ गए हैं मुस्तफ़ाउन के सदक़े दूर होगी ख़ल्क़ से हर इक बलारहमतों की अब छा गई घटाआ गए नबी, आख़िरी नबी

बारहवीं का नूर दिल पे छा गयाआ गए नबी, आख़िरी नबीनूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रियाआ गए नबी, आख़िरी नबी

ख़ातिमुल-अंबिया ! सब से आख़िरी नबी !सय्यिदुल-अस्ख़िया ! सब से आख़िरी नबी !'आसियों का आसरा ! सब से आख़िरी नबी !हैं हबीब-ए-किब्रिया ! सब से आख़िरी नबी !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

मेरे आक़ा मुस्तफ़ा, मुर्तज़ा-ओ-मुज्तबाअहमद-ओ-मुहम्मद-ओ-पेशवा-ए-कुल-जहाँशाफ़े'-ए-ख़ता, क़ासिम-ए-'अताआ गए नबी, आख़िरी नबी

बारहवीं का नूर दिल पे छा गयाआ गए नबी, आख़िरी नबीनूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रियाआ गए नबी, आख़िरी नबी

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !मंठार की आमद ! मरहबा !मुख़्तार की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !आ'ला की आमद ! मरहबा !मौला की आमद ! मरहबा !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

जब हुज़ूर ने क़दम इस जहान में रखासारी ज़ुल्मतें छटीं, नूर नूर हो गयाआप का करम सब पे हो गयाआ गए नबी, आख़िरी नबी

बारहवीं का नूर दिल पे छा गयाआ गए नबी, आख़िरी नबीनूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रियाआ गए नबी, आख़िरी नबी

मुहम्मद-ए-मुस्तफ़ा ! सब से आख़िरी नबी !अहमद-ए-मुज्तबा ! सब से आख़िरी नबी !हैं शफ़ी'-उल-वरा ! सब से आख़िरी नबी !आमिना का लाडला ! सब से आख़िरी नबी !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

मिदहत-ए-रसूल ही ज़िंदगी का मुद्द'आआप ही की ज़ात पर फ़ानी का है आसराइस के लब पे हो बस यही सदाआ गए नबी, आख़िरी नबी

बारहवीं का नूर दिल पे छा गयाआ गए नबी, आख़िरी नबीनूर से सजा 'अर्श-ए-किब्रियाआ गए नबी, आख़िरी नबी

सरकार की आमद ! मरहबा !दिलदार की आमद ! मरहबा !मंठार की आमद ! मरहबा !मुख़्तार की आमद ! मरहबा !आक़ा की आमद ! मरहबा !दाता की आमद ! मरहबा !आ'ला की आमद ! मरहबा !मौला की आमद ! मरहबा !

या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !या रसूलल्लाह ! या हबीबल्लाह !

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