नात लिरिक्स

Jo Ban Ke Do Jahan Ke Malik-o-Mukhtar Aaye Hain | Mere Sarkar Aaye Hain

जो बन के दो जहाँ के मालिक-ओ-मुख़्तार आए हैं | मेरे सरकार आए हैं

नात ख़्वान: मुहम्मद अली फ़ैज़ीशायर: सय्यिद शबाहत हुसैनउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

मेरे सरकार आए हैं, मेरे सरकार आए हैं

जो बन के दो जहाँ के मालिक-ओ-मुख़्तार आए हैंमेरे सरकार आए हैं, मेरे सरकार आए हैं

ये कौन आया है जिस के आने से घर घर उजाला हैये कौन आया है जिस का दो जहाँ में बोल-बाला हैसदा आई, जनाब-ए-सय्यिद-ए-अबरार आए हैंमेरे सरकार आए हैं, मेरे सरकार आए हैं

ये वो आया है जो बातिल का पंजा मोड़ डालेगाजो बुत का'बे में रक्खे हैं ये सारे तोड़ डालेगाजहाँ वालो ! सदाक़त के 'अलम-बरदार आए हैंमेरे सरकार आए हैं, मेरे सरकार आए हैं

अबू-बक्र-ओ-'उमर, 'उस्माँ को जो सरदार कर देंगेवही हज़रत 'अली को हैदर-ए-कर्रार कर देंगेबढ़ाने वो बिलाल-ए-हब्श का मे'यार आए हैंमेरे सरकार आए हैं, मेरे सरकार आए हैं

वो बेटी को ज़माने के लिए रहमत बना देंगेवो प्यारी माँ के क़दमों के तले जन्नत सजा देंगेयतीमों और बेवाओं के पालन-हार आए हैंमेरे सरकार आए हैं, मेरे सरकार आए हैं

सुनो उट्ठो, ऐ दीवानो ! चलो गलियाँ सजाते हैंउठो अब आमद-ए-सरकार की धूमे मचाते हैंवो हर एक ग़म-ज़दा के मूनिस-ओ-ग़म-ख़्वार आए हैंमेरे सरकार आए हैं, मेरे सरकार आए हैं

कहाँ सरकार की ना'तें, कहाँ मुझ सा ये नाकाराउन्हीं का है करम मुझ पर, उन्हीं का फ़ैज़ है साराशबाहत की ज़बाँ पर आज जो अश'आर आए हैंमेरे सरकार आए हैं, मेरे सरकार आए हैं

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