नात लिरिक्स

Jitna Diya Sarkar Ne Mujh Ko Utni Meri Auqat Nahin

जितना दिया सरकार ने मुझ को उतनी मेरी औक़ात नहीं

नात ख़्वान: ओवैस रज़ा क़ादरीशायर: मौलाना कौसर नियाज़ीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

जितना दिया सरकार ने मुझ को, उतनी मेरी औक़ात नहींये तो करम है उन का वर्ना मुझ में तो ऐसी बात नहीं

तू भी वहीं पर जा कि जहाँ पर सब की बिगड़ी बनती हैएक तेरी तक़दीर बनाना उन के लिए कुछ बात नहीं

तू भी वहीं पे जा जिस दर पर सब की बिगड़ी बनती हैएक तेरी तक़दीर बनाना इन के लिए कुछ बात नहीं

जो हैं मेरी जान-ओ-इमाँ, क्या मैं उन की नज़्र करूँपास मेरे अश्कों के 'अलावा और कोई सौग़ात नहीं

'इश्क़-ए-शह-ए-बतहा से पहले मुफ़्लिस-ओ-ख़स्ता-हाल था मैंनाम-ए-मुहम्मद के मैं क़ुर्बां, अब वो मेरे हालात नहीं

ज़िक्र-ए-नबी में जो दिन गुज़रे, वो दिन सब से बेहतर हैयाद-ए-नबी में रात जो गुज़रे, उस से बेहतर रात नहीं

ग़ौर तो कर, सरकार की तुझ पर कितनी ख़ास 'इनायत हैकौसर ! तू है उन का सना-ख़्वाँ, ये मा'मूली बात नहीं

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